राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र के सातवें अनुच्छेद से ईरान का बाहर निकलना बहुत बड़ी सफलता है।
उन्होंने इसके साथ ही कहा कि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु सहमति से किसी को कोई नुक़सान नहीं होगा। राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक में बल दिया कि ईरान ने परमाणु विषय के हल के लिए आपसी सहयोग का रास्ता अपनाया और सबने इस रास्ते की सफलता को देखा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र के सातवें अनुच्छेद के प्रभाव से ईरान के बाहर निकलने का उल्लेख करते हुए कहा कि ईरान, यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को मनवाना चाहता था और आज संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ने उसके इस अधिकार को साफ़ तौर पर मान लिया है।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि अब तक संयुक्त राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद कुछ अविश्वसनीय सूत्रों के दृष्टिकोण के आधार पर यह कहा करते थे कि ईरान ने क़ानून का उल्लंघन किया है इसलिए वह यूरेनियम का संवर्धन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि ईरान और गुट पांच धन एक के बीच परमाणु सहमति से कुछ वक़्त के लिए सीमित्ताएं आएंगी लेकिन इससे ईरान के प्रौद्योगिक विकास के जारी रहने में कोई रुकवाट पैदा नहीं होगी। डाक्टर हसन रूहानी ने सामने वाले पक्ष के इस दावे पर कि परमाणु सहमति के आधार पर ईरान एक साल से कम वक़्त में परमाणु बम हासिल नहीं कर पाएगा, कहा कि ये दावा हास्यास्पद है क्योंकि ईरान ने कभी भी जनंसहारक शस्त्रों की प्राप्ति के लिए कोशिश नहीं की। ईरान इसे नैतिकता, धर्मशास्त्र और वरिष्ठ नेता के फ़त्वे के ख़िलाफ़ मानता है।
ईरानी राष्ट्रपति ने बल दिया कि ईरान की रक्षा नीति में इस प्रकार के हथियारों का कोई स्थान नहीं है और अगर सामने वाला पक्ष इस प्रकार के आरोप को दोहराने में सफलता का आभास करता है तो उसे इसी में ख़ुश रहने दीजिए। उन्होंने कहा कि ईरान आतंकवाद से निपटने और पीड़ितों की रक्षा की भरपूर कोशिश करेगा क्योंकि आतंकवाद क्षेत्र सहित पूरी दुनिया के लिए ख़तरा है।